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सूरज के चक्कर लगाते-लगाते एक लाइन में कैसे आ जाते हैं सारे ग्रह, क्यों अनोखी होती है प्लैनेट परेड? 

हमारे सौरमंडल में सभी ग्रह सूर्य के चक्कर लगते हैं. चक्कर काटते-काटते जब सभी ग्रह सूरज के एक तरफ अलाइन हो जाते हैं, तो हमें ऐसा लगता है कि सभी ग्रह एक सीधी रेखा में हैं. इसे ही प्लैनेट परेड करते हैं.

रिपब्लिक डे पर होने वाली परेड आपने कई बार देखी होगी. इस दौरान सेना के जवान कर्तव्यपथ पर एकसाथ कदमताल करते हैं, लेकिन क्या आपने प्लैनेट परेड (ग्रहों की परेड) के बारे में कभी सुना है? गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को अंतरिक्ष में एक अद्भुत खगोलीय घटना घटने जा रही है. इस दिन हमारे सोलर सिस्टम के ग्रहों की परेड होगी. यानी सभी ग्रह एक कतार में दिखाई देंगे. 

दावा किया जा रहा है कि अद्भुत खगोलीय घटना कई अरब सालों में एक बार होती है. ऐसे में आज हम इस अद्भुत घटना के बारे में बताएंगे. कैसे सूरज के चक्कर काटने वाले ये सारे ग्रह एक सीध में आ जाते हैं? ये प्लैनेट परेड क्या होती है? इस दौरान अंतरिक्ष में क्या होता है? चलिए जानते हैं... 

क्या होती है प्लैनेट परेड?

यह बात हम सभी जानते हैं कि हमारे सौरमंडल में सभी ग्रह सूर्य के चक्कर लगते हैं. चक्कर काटते-काटते जब सभी ग्रह सूरज के एक तरफ अलाइन हो जाते हैं, तो हमें ऐसा लगता है कि सभी ग्रह एक सीधी रेखा में हैं. इसे ही प्लैनेट परेड करते हैं. यह नजारा पृथ्वी से भी देखा जा सकता है, जो बेहद खूबसूरत होता है. 

पृथ्वी से कैसे दिख जाते हैं ये ग्रह

सूर्य के चक्कर लगाने वाले ग्रहों में हमारी पृथ्वी भी है. जब दो या दो से अधिक ग्रह एक लाइन में अलाइन होते हैं या फिर आसपास आ जाते हैं, तो इन्हें नंगी आंखों से देखा जा सकता है. हालांकि, पृथ्वी से सामान्य तौर पर देखने पर हमें बृहस्पति, शुक्र, मंगल और शनि जैसे ही ग्रह दिखते हैं. हालांकि, यूरेनस और नेप्च्यून जैसे ग्रहों को देखने के लिए हमें टेलिस्कोप की जरूरत होती है. दरअसल, इन दोनों ग्रहों की दूरी पृथ्वी से बहुत ज्यादा है, जिस कारण इन्हें नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता है.  

25 जनवरी को ही क्यों?

अमेरिकी स्पेस रिसर्च वेबसाइट स्टारवॉक के मुताबिक, यह अद्भुत खगोलीय घटना 21 जनवरी से शुरू हो चुकी है, जिसे देखने का सबसे अच्छा समय सूर्यास्त के लगभग 45 मिनट बाद का है. इस दौरान सिर्फ 6 ग्रह ही हमें अलाइनमेंट में दिखाई देंगे. इसके बाद यह प्लैनेट परेड कल यानी 25 जनवरी को होगी. इसके बाद 20 फरवरी को भी यह नजारा दिखाई देगा. इस दौरान परेड में बुध भी शामिल होगा. 

अनोखी नहीं है यह घटना

भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) का कहना है कि ऐसा नहीं है कि यह अद्भुत खगोलीय घटना है और अरबों सालों बाद हो रही है. दरअसल, सभी ग्रह लगातार पृथ्वी के चक्कर लगाते है. ऐसे में इनका एक अलाइनमेंट में आना कोई नई बात नहीं है. हालांकि, ऐसा कई सालों में ही होता है. इससे पहले यह घटना 28 अगस्त, 2024 को हुई थी. IIA के मुताबिक, वर्तमान में चार ग्रहों पर अलाइनमेंट है. कुछ समय बाद इसमें बुध भी शामिल हो जाएगा.  

यह भी पढ़ें: बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों को कौन करता है डिकोड? जानें कहां लिखी गई हैं ये बातें

 

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